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मंगलवार

Hindu Sammelan | RSS@100

RSS @100 | हिंदू सम्मेलन - विराट समाज जागरण
Shatabdi Varsh Special

RSS @ 100

हिंदू सम्मेलन

"संगठन ही शक्ति है" - शताब्दी वर्ष के माध्यम से समाज के प्रत्येक घर तक सांस्कृतिक चेतना पहुँचाने का महा-अभियान।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का ब्लूप्रिंट हैं।

RSS Hindu Sammelan Banner

अभियान का व्यापक दृष्टिकोण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी। अब, 2025 में इसके 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस शताब्दी वर्ष का संकल्प है "समाज जागरण"। संघ का मानना है कि पिछले 100 वर्षों में स्वयंसेवकों ने जो तपस्या की है, उसका लाभ अब पूरे समाज को मिलना चाहिए।

हिंदू सम्मेलन इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जहाँ समाज का हर वर्ग—चाहे वह किसी भी पंथ, जाति या आर्थिक पृष्ठभूमि से हो—एक साथ आकर राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों पर चर्चा करता है।

आयोजन की पद्धति: हर बस्ती, हर द्वार

इन सम्मेलनों की योजना बहुत ही सूक्ष्म स्तर पर बनाई गई है। यह किसी बड़े मैदान में होने वाली विशाल रैली मात्र नहीं है, बल्कि:

  • बस्ती स्तर पर संवाद: महानगरों में हर बस्ती और गाँवों में हर मंडल स्तर पर छोटे-छोटे समूह एकत्र होते हैं।
  • सपरिवार सहभागिता: पहली बार इन सम्मेलनों में "सपरिवार" आने का आह्वान किया गया है, ताकि माताएं और बच्चे भी इस विचार प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
  • स्थानीय नेतृत्व: इन कार्यक्रमों का नेतृत्व केवल संघ के अधिकारी नहीं, बल्कि समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति, डॉक्टर, इंजीनियर और किसान कर रहे हैं।

पंच परिवर्तन: समाज सुधार के पाँच सूत्र

हिंदू सम्मेलनों का मुख्य एजेंडा "पंच परिवर्तन" है, जिसे समाज के हर घर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है:

1. सामाजिक समरसता (Social Harmony)

हिंदू समाज के भीतर ऊंच-नीच और जातिवाद के जहर को पूरी तरह समाप्त करना। "हम सब एक हैं" के भाव को व्यवहार में उतारना।

2. कुटुंब प्रबोधन (Family Values)

पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में बिखरते परिवारों को बचाना। सप्ताह में एक दिन सपरिवार "भजन-भोजन-संवाद" की परंपरा शुरू करना।

3. पर्यावरण (Environment)

प्रकृति की पूजा ही संस्कृति है। पानी बचाना, सिंगल-यूज प्लास्टिक का त्याग और अपने आसपास हरियाली बढ़ाना।

4. स्वदेशी (Swadeshi Lifestyle)

केवल वस्तुएं नहीं, बल्कि अपने विचारों में भी भारतीयता लाना। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर बनना।

5. नागरिक कर्तव्य (Civic Duty)

अधिकारों से पहले कर्तव्यों की बात करना। यातायात के नियमों का पालन, स्वच्छता और मतदान जैसे विषयों पर समाज को जागरूक करना।

हिंदू सम्मेलन के दीर्घकालिक उद्देश्य

इन सम्मेलनों के पीछे संघ का दूरगामी लक्ष्य भारत को पुनः "विश्व गुरु" के स्थान पर प्रतिष्ठित करना है। इसके लिए समाज का संगठित होना अनिवार्य है।

"जब हिंदू समाज संगठित होकर अपने दोषों को दूर करेगा, तभी वह दुनिया को एक नई राह दिखा पाएगा। शताब्दी वर्ष आत्म-प्रशंसा का नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन और संकल्प का वर्ष है।"

निष्कर्ष: आने वाले 100 वर्ष

RSS का यह शताब्दी वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक प्रस्थान बिंदु (Starting Point) है। हिंदू सम्मेलन के माध्यम से जो टोली और जो ऊर्जा जागृत होगी, वह आने वाले 100 वर्षों तक भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक सुरक्षा का कवच बनेगी।

© 2025 | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष विशेष

SAMAJ JAGRAN • CULTURAL UNITY • NATION FIRST

Memorable Days - स्मरणीय दिवस 🚩

हिंदू स्मरणीय दिवस 2026-27

꧁ स्मरणीय दिवस ꧂

. जनवरी 2026 से अप्रैल 2027

"हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी असली पहचान है। समय के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास को याद रखना अत्यंत आवश्यक है। यह संग्रह मात्र तारीखों का मेल नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली महापुरुषों के त्याग और हमारे हर्षोल्लास भरे त्योहारों का एक डिजिटल दर्पण है।"
Hindu Smarniy Diwas 2026-27 Banner
12 Jan 2026पौष कृष्ण नवमी
स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस); जीजाबाई जयंती
14 Jan 2026पौष कृष्ण एकादशी
मकर संक्रांति; पोंगल; उत्तरायण
23 Jan 2026माघ शुक्ल पंचमी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती; वसंत पंचमी
26 Jan 2026माघ शुक्ल अष्टमी
गणतंत्र दिवस (Republic Day)
15 Feb 2026फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
महाशिवरात्रि 🕉️
19 Feb 2026फाल्गुन शुक्ल द्वितीया
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (तारखेनुसार)
27 Feb 2026फाल्गुन शुक्ल एकादशी
चंद्रशेखर आजाद बलिदान दिन
03 Mar 2026फाल्गुन पूर्णिमा
होलिका दहन
04 Mar 2026चैत्र कृष्ण प्रतिपदा
होली (धुलिवंदन)
19 Mar 2026चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
वर्ष प्रतिपदा (संवत 2083); डॉ. हेडगेवार जयंती; नवरात्रि प्रारंभ ★ नववर्षारंभ ★
23 Mar 2026चैत्र शुक्ल पंचमी
भगतसिंह, राजगुरु एवं सुखदेव बलिदान दिन
26 Mar 2026चैत्र शुक्ल नवमी
श्रीराम नवमी 🏹
31 Mar 2026चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
महावीर जयंती
02 Apr 2026चैत्र पूर्णिमा
हनुमान जयंती
14 Apr 2026वैशाख कृष्ण द्वादशी
डॉ. आंबेडकर जयंती; बैसाखी
19 Apr 2026वैशाख शुक्ल तृतीया
अक्षय तृतीया; परशुराम जयंती
01 May 2026वैशाख पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा
28 May 2026(अधिक) ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
वीर सावरकर जयंती
18 Jun 2026(निज) ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया
रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिन
28 Jun 2026(निज) ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी
हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव (शिवराज्याभिषेक दिन)
29 Jun 2026ज्येष्ठ पूर्णिमा
संत कबीर जयंती; वट पूर्णिमा
06 Jul 2026आषाढ कृष्ण सप्तमी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती
23 Jul 2026आषाढ शुक्ल नवमी
लोकमान्य तिलक जयंती; चंद्रशेखर आजाद जयंती
29 Jul 2026आषाढ पूर्णिमा
श्रीगुरुपूर्णिमा; व्यासपूजा
15 Aug 2026श्रावण शुक्ल द्वितीया
स्वतंत्रता दिवस (Independence Day)
17 Aug 2026श्रावण शुक्ल चतुर्थी
नागपंचमी (तिथि अनुसार 17-18 अगस्त)
28 Aug 2026श्रावण पूर्णिमा
रक्षाबंधन 🧵
04 Sep 2026भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
14 Sep 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
गणेश चतुर्थी
25 Sep 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती
02 Oct 2026आश्विन कृष्ण सप्तमी
गांधी जयंती; लालबहादुर शास्त्री जयंती
11 Oct 2026आश्विन शुक्ल प्रतिपदा
नवरात्रि प्रारंभ (घटस्थापना)
20 Oct 2026आश्विन शुक्ल दशमी
विजयादशमी (दशहरा); RSS स्थापना दिवस
25 Oct 2026आश्विन पूर्णिमा
महर्षि वाल्मीकि जयंती; शरद पूर्णिमा
31 Oct 2026कार्तिक कृष्ण षष्ठी
सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती
08 Nov 2026कार्तिक अमावस्या
दीपावली; लक्ष्मी पूजन; महावीर निर्वाण दिन 🪔
15 Nov 2026कार्तिक शुक्ल षष्ठी
छठ पूजा; बिरसा मुंडा जयंती (जनजातीय गौरव दिवस)
24 Nov 2026कार्तिक पूर्णिमा
गुरु नानक देव जयंती
20 Dec 2026मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
गीता जयंती; मोक्षदा एकादशी
26 Dec 2026पौष कृष्ण तृतीया
वीर बाल दिवस (साहिबजादे बलिदान)
12 Jan 2027पौष शुक्ल पंचमी
स्वामी विवेकानंद जयंती
14 Jan 2027पौष शुक्ल सप्तमी
मकर संक्रांति; पोंगल
23 Jan 2027माघ कृष्ण प्रतिपदा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती
26 Jan 2027माघ कृष्ण चतुर्थी
गणतंत्र दिवस
19 Feb 2027फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (तारखेनुसार)
27 Feb 2027फाल्गुन कृष्ण षष्ठी
चंद्रशेखर आजाद बलिदान दिन
06 Mar 2027फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
महाशिवरात्रि 🕉️
22 Mar 2027फाल्गुन पूर्णिमा
होली (धुलिवंदन)
23 Mar 2027चैत्र कृष्ण प्रतिपदा
भगतसिंह, राजगुरु एवं सुखदेव बलिदान दिन
07 Apr 2027चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
वर्ष प्रतिपदा (नववर्षारंभ - संवत 2084); गुड़ी पड़वा ★ नववर्षारंभ ★
14 Apr 2027चैत्र शुक्ल अष्टमी
डॉ. आंबेडकर जयंती
✧ उपसंहार ✧

हमें पूर्ण विश्वास है कि यह हिंदू स्मरणीय दिवस (2026-27) की विस्तृत सूची आपके दैनिक जीवन और उत्सवों की योजना बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह डिजिटल कैलेंडर हमें अपनी गौरवशाली परंपराओं के प्रति जागरूक रखने का एक छोटा सा प्रयास है।

बुधवार

प्रहार दिवस | RSS (Detailed & Analytical)

प्रहार दिवस: विस्तृत और विश्लेषणात्मक ब्लॉग
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भूमिका

प्रहार शब्द अक्सर आक्रामकता से जुड़ा दिखता है, परंतु भारतीय परंपरा में यह सजग शक्ति और अनुशासन का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मनाया जाने वाला प्रहार दिवस यही संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग केवल सही समय पर, सही तरीके से किया जाना चाहिए।

यह दिवस न केवल शारीरिक अभ्यास का अवसर है, बल्कि मानसिक और वैचारिक दृढ़ता को परखने का माध्यम भी है। इसमें भाग लेने वाले व्यक्ति न केवल अपनी क्षमता को चुनौती देते हैं, बल्कि नेतृत्व और सामूहिक तालमेल को भी सीखते हैं। सशक्त समाज वही है जो अनुशासन और संयम के साथ ताकत का प्रयोग करता है।

इस दिन का महत्व केवल संघ या शाखाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देता है कि सही दिशा में शक्ति का प्रयोग ही राष्ट्र को मजबूत बनाता है।

मंगलवार

प्रहार दिवस | RSS (Short)

RSS प्रहार दिवस | Designer Blog

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रहार दिवस

इतिहास • उद्देश्य • विचारधारा • विश्लेषण

प्रस्तावना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारतीय समाज में अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव के लिए जाना जाता है। संघ द्वारा मनाया जाने वाला प्रहार दिवस केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि एक वैचारिक और ऐतिहासिक प्रतीक है।

प्रहार दिवस क्या है?

प्रहार दिवस वह विशेष अवसर है जब संघ के स्वयंसेवक दण्ड (लाठी) प्रहार अभ्यास करते हैं। इसका उद्देश्य शारीरिक सशक्तिकरण के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता का निर्माण करना है।

“शक्ति का सही उपयोग अनुशासन और संयम के साथ ही राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है।”

16 दिसंबर का ऐतिहासिक महत्व

16 दिसंबर 1971 को भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध ऐतिहासिक विजय प्राप्त की। यह दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है और भारत की सैन्य क्षमता का प्रतीक है।

Vijay Diwas

प्रहार दिवस मनाने का उद्देश्य

  • शारीरिक एवं मानसिक सशक्तिकरण
  • अनुशासन और संगठनात्मक भावना का विकास
  • वीरता और आत्मविश्वास का निर्माण
  • राष्ट्रवादी चेतना का जागरण

वैचारिक और सामाजिक विश्लेषण

समर्थकों के अनुसार, प्रहार दिवस युवाओं में आत्मरक्षा और आत्मविश्वास विकसित करता है, जबकि आलोचक इसे वैचारिक प्रशिक्षण का माध्यम मानते हैं। किसी भी लोकतांत्रिक समाज में ऐसे आयोजनों को संतुलित दृष्टि से देखना आवश्यक है।

निष्कर्ष

प्रहार दिवस RSS की संगठनात्मक संस्कृति, ऐतिहासिक स्मृति और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को एक साथ प्रस्तुत करता है। यह आयोजन शक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के भाव को मजबूत करने का प्रयास है।

अंतिम विचार: प्रहार केवल अभ्यास नहीं, दृष्टि है

प्रहार दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि राष्ट्र की रक्षा केवल सीमाओं पर खड़े सैनिकों का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है। शक्ति का वास्तविक अर्थ आक्रामकता नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता है।

जब शरीर सशक्त, मन दृढ़ और विचार राष्ट्रहित में हों, तब कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। इतिहास गवाह है कि संगठित समाज ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ढाल होता है। आज का प्रहार शस्त्रों से कम और संकल्प, विचार, तकनीक व कर्म से अधिक जुड़ा हुआ है।

“अनुशासित शक्ति ही शांति की सबसे बड़ी संरक्षक होती है।
जब समाज संगठित होता है, तब इतिहास केवल याद नहीं किया जाता — रचा जाता है।
और यही प्रहार का वास्तविक संदेश है।”

शतक फिल्म समीक्षा: संघ के 100 वर्षों की यात्रा पर स्वयंसेवक की दृष्टि

शतक — सौ वर्षों के संघर्ष, साधना और संगठन की यात्रा एक स्वयंसेवक की दृष्टि से विचारपूर्ण समीक्षा 📅 प्रकाशित: 27 ...